ओडिशा

SAIL ने भारतीय नौसेना को सप्लाई किया 5,700 टन स्पेशल स्टील

Kavita2
24 Jun 2026 4:46 PM IST
SAIL ने भारतीय नौसेना को सप्लाई किया 5,700 टन स्पेशल स्टील
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Odisha ओडिशा: सरकारी महारत्न स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) ने बताया है कि उसने हाल ही में भारतीय नौसेना में शामिल किए गए तीन प्रमुख नौसैनिक जहाजों के लिए 5,700 टन विशेष स्टील की आपूर्ति की है। यह आपूर्ति देश की रक्षा निर्माण क्षमता और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

इन तीन नौसैनिक प्लेटफॉर्म में स्टील्थ फ्रिगेट INS दूनागिरी, एंटी-सबमरीन वॉरफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट INS अग्रय और सर्वे वेसल (बड़ा) INS संशोधक शामिल हैं। इन जहाजों को हाल ही में कोलकाता स्थित श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट पर आयोजित एक समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में भारतीय नौसेना में शामिल किया गया।

SAIL के अनुसार, इन जहाजों के लिए सप्लाई किए गए स्टील में विशेष गुणवत्ता वाले DMR 249A ग्रेड की हॉट-रोल्ड शीट और प्लेटें शामिल थीं। यह उच्च गुणवत्ता वाला स्टील बोकारो, भिलाई और राउरकेला स्टील प्लांट में तैयार किया गया। राउरकेला स्टील प्लांट ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले में स्थित है।

कंपनी ने कहा कि इस आपूर्ति से यह साबित होता है कि भारत में अब रक्षा क्षेत्र के लिए आवश्यक उच्च-स्तरीय समुद्री और सैन्य ग्रेड स्टील का उत्पादन किया जा रहा है। यह क्षमता देश की रक्षा उत्पादन प्रणाली को मजबूत बनाती है और आयात पर निर्भरता को कम करती है।

SAIL ने बताया कि वह रक्षा क्षेत्र की बढ़ती आवश्यकताओं को देखते हुए DMR-ग्रेड प्लेटों के उत्पादन को लगातार बढ़ा रही है। विशेष रूप से राउरकेला स्टील प्लांट के स्पेशल प्लेट प्लांट में इस तरह के उत्पादों के निर्माण पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है।

कंपनी ने यह भी कहा कि उसकी यह पहल केंद्र सरकार की ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ योजनाओं के अनुरूप है। इन योजनाओं का उद्देश्य देश को रणनीतिक और रक्षा क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बनाना और विदेशी निर्भरता को कम करना है।

रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, नौसेना के लिए इस प्रकार के विशेष स्टील का उत्पादन और आपूर्ति भारत की तकनीकी क्षमता और औद्योगिक प्रगति को दर्शाता है। इससे न केवल देश की सुरक्षा क्षमताएं मजबूत होती हैं, बल्कि घरेलू उद्योगों को भी बढ़ावा मिलता है।

SAIL की यह उपलब्धि भारतीय रक्षा उत्पादन इकोसिस्टम में सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों की महत्वपूर्ण भूमिका को भी रेखांकित करती है। आने वाले समय में कंपनी द्वारा इस क्षेत्र में और अधिक विस्तार किए जाने की संभावना है।

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